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महंगाई से परेशान सरकारी कर्मचारी करेंगे ह&#23

Posted by Baghel on January 15, 2010 at 12:39 PM

महंगाई से परेशान केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारी जल्द ही हड़ताल पर जाने वाले हैं।

हड़ताल की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉईज एंड वर्कर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया है। बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारी संगठनों के सदस्य भी मौजूद थे।

कन्फेडरेशन के महासचिव के. के. एन. कुट्टी ने बताया कि सरकार बढ़ती महंगाई से आंखें मूंदे बैठी है। कोई भी कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। सिर्फ ब्लेम गेम चल रहा है। सरकार को जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। थोक के मुकाबले वस्तुओं की रिटेल कीमत तीन-चार गुना बढ़ाने वाले बिचौलियों और व्यापारियों पर शिकंजा कसना चाहिए। बाजार में चीजों की डिमांड कम करने वाली शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहिए, मगर सरकार ऐसा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग में जितनी सैलरी बढ़ी, उससे कई गुना ज्यादा महंगाई बढ़ गई है। दालें और चीनी की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर है।

कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गर्वनमेंट एंप्लॉईज एंड वर्कर्स की दिल्ली कमिटी के वर्किंग प्रेजिडेंट अशोक कनौजिया के अनुसार, केंद्र और राज्य कर्मचारियों के सभी कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल के लिए सहमति दे दी। यह फैसला भी हुआ है कि अगर कोई श्रमिक संगठन महंगाई के खिलाफ हड़ताल करेगा तो हम उसका साथ देंगे। कनौजिया का कहना था कि महंगाई से घर का बजट बिगड़ गया है। भविष्य के लिए सेविंग करना नामुमकिन हो गया है। सरकार, कर्मचारियों से ऐसे खिलवाड़ नहीं कर सकती।

 सा भा र Nawbharat Times 14 Jan 2010

 


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1 Comment

Reply Satyajit
1:38 PM on January 16, 2010 
एकदम बढ़िया, धांसू आइटम है...!!
परंतु हम सब बढ़ी हुई तनख्वाह तो चाहते ही हैं नहीं ? , और हर कोई अपने प्रोडक्ट के लिए सबसे बढ़िया मुनाफ़ा और मार्जिन भी चाहता है, अब अगर रु. 1100 प्रति क्विंटल में धान खरीदा जाए उसपर बोनस भी दिया जाए उसकी प्रोसेसिंग की जाए और फिर उसे रु. 2 के भाव में बेचा जाएगा तो नुकसान की भरपाई कैसे होगी.? मजदूरी ज्यादा तो प्रोडक्ट की कीमत भी ज्यादा, कीमत ज्यादा तो महंगाई भी ज्यादा. नहीं ? सब गोल गोल है भाई या कहें की "सब गोल माल है.."
और हाँ , दो साल से पड़ रहे अकाल और इस वजह से अनाज और गन्ने के उत्पादन में आई गिरावट को क्यों भूल रहे हैं.?